मंगलम् भगवान् वीरो, मंगलम् गौतमोगणी ।
मंगलम् पुष्पदन्ताद्यो, जैन धर्मोस्तु मंगलम् ।।

॥ श्री मंशापूर्ण महावीराय नमः ॥

गणाचार्य श्री १०८ पुष्पदंत सागर जी महाराज

संस्कार प्रणेता बाल वैरागी आगमरत्नाकार दिगम्बराचार्य श्री १०८ सौरभसागर जी महामुनिराज
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दिगम्बराचार्य श्री सौरभ सागर जी महामुनिराज
बालक सुरेंद्र से आचार्य श्री सौरभसागर की यात्रा

































